Shayari

तुम

17 Aug 2026

तेरे हुस्न की बात हो तो चाँद भी जरा ठहर जाए,

तेरे हुस्न की बात हो तो चाँद भी जरा ठहर जाए,
तेरी हँसी छू ले तो ये मौसम भी बिखर जाए।
बादल भी बरसें तेरी ज़ुल्फ़ों की छाँव बनकर,
तू सामने हो मेरा दिल खुशियों से निखर जाए..
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