उसके लिए बता मे अब क्या लिखूँ - 2
उसके लिए बता मे अब क्या लिखूँ - 2
चाँद झरने हवा इश्क़ सब लिख चुका हूँ..
दिन दुपहरिया या फिर उसको रात लिखूँ
लिखूँ कागज उसे या कलम के जज्बात लिखूँ
पायल की झंकार लिखूँ या भवरों की पुकार
लिखूँ शहद उसे या फिर उसे सारा संसार लिखूँ
बालखाती कमर उसकी हुश्न का सागर है वो
लिखूँ उसे अप्सरा या फिर कोई अवतार लिखूँ
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दिन दुपहरिया या फिर उसको रात लिखूँ
लिखूँ कागज उसे या कलम के जज्बात लिखूँ
पायल की झंकार लिखूँ या भवरों की पुकार
लिखूँ शहद उसे या फिर उसे सारा संसार लिखूँ
बालखाती कमर उसकी हुश्न का सागर है वो
लिखूँ उसे अप्सरा या फिर कोई अवतार लिखूँ